यदि कोई समाज में प्रसिद्ध न हुआ हो तो यह कथा सुनने से वह सम्माननीय हो जाएगा और यदि निरक्षर हो तो परम विद्वान बन जाएगा। दूसरे शब्दों में पृथु महाराज की कथा सुनना इतना शुभ फल देता है कि सारे दुर्भाग्य को दूर कर देता है।
One who hears this story three times will become very famous if he is not respected in society and will become a great scholar if he is illiterate. In other words, the story of Prithu Maharaja is so auspicious to hear that it drives away all misfortune.
तात्पर्य
भौतिक दुनिया में, हर कोई कुछ लाभ, कुछ आदर और कुछ प्रतिष्ठा चाहता है। सर्वोच्च भगवान या उनके भक्त के साथ विभिन्न तरीकों से जुड़कर, व्यक्ति हर तरह से बहुत आसानी से संपन्न बन सकता है। भले ही किसी को समाज द्वारा नहीं जाना जाता है या पहचाना नहीं जाता है, लेकिन अगर वह भक्ति सेवा और उपदेश में लग जाता है तो वह बहुत प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण बन जाता है। जहाँ तक शिक्षा का सवाल है, कोई भी व्यक्ति बस श्रीमद्-भागवतम् और भगवद-गीता को सुनकर समाज में एक महान विद्वान के रूप में पहचाना जा सकता है, जिसमें भगवान और उनके भक्तों के अवतारों का वर्णन किया गया है। यह भौतिक दुनिया हर कदम पर खतरों से भरी हुई है, लेकिन एक भक्त को कोई डर नहीं होता क्योंकि भक्ति सेवा इतनी शुभ होती है कि यह स्वचालित रूप से सभी प्रकार के बुरे भाग्य का प्रतिकार करती है। चूँकि पृथु महाराज के बारे में सुनना भक्ति सेवा (श्रवण) की वस्तुओं में से एक है, स्वाभाविक रूप से उनके बारे में सुनने से सौभाग्य प्राप्त होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥