जब मन सभी भौतिक संदूषण से पूरी तरह से धुल जाता है, तो शुद्ध चेतना कार्य करती है | आध्यात्मिक आकाश से ध्वनि कंपन स्वचालित रूप से सभी भौतिक संदूषण को साफ कर सकता है, जैसा कि चैतन्य महाप्रभु द्वारा पुष्टि की गई है: सेटो-दरपण-मार्जनम | हमें केवल भगवान चैतन्य महाप्रभु की सलाह लेने और सभी भौतिक संदूषण के मन को साफ करने के लिए हरि कृष्ण मंत्र का जाप करने की आवश्यकता है, और इसे इस कठिन कविता का सारांश माना जा सकता है | जैसे ही इस मंत्र के जप की प्रक्रिया से पूरा भौतिक संदूषण धुल जाता है, भौतिक गतिविधियों की सभी इच्छाएँ और प्रतिक्रियाएँ तुरंत हार जाती हैं, और वास्तविक जीवन, शांतिपूर्ण अस्तित्व शुरू होता है | कलि के इस युग में इस श्लोक में वर्णित योगिक प्रक्रिया को अपनाना बहुत मुश्किल है | जब तक कोई इस तरह के योग में बहुत विशेषज्ञ न हो, तब तक सबसे अच्छा तरीका यह है कि भगवान चैतन्य महाप्रभु, श्री कृष्ण-संकीर्तन के तरीके और साधनों को अपनाया जाए | इस प्रकार कोई हरि कृष्ण, हरि कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरि हर/ हर राम, हर राम, राम राम, हर हर के सरल तरीके से सभी भौतिक संदूषण से मुक्त हो सकता है | जिस तरह इस भौतिक दुनिया में जीवन की शुरुआत भौतिक ध्वनि में होती है, उसी तरह आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत इस आध्यात्मिक ध्वनि कंपन में होती है |
