इस विचार को ध्यान में रखते हुए, राजा या सरकार के मुखिया को दुनिया पर शासन करना चाहिए। इस तरह, हर कोई संतुष्ट रहेगा। यह कैसे पूरा किया जा सकता है? पृथु महाराज जैसे कई उदाहरण हैं, और इस ग्रह पर उनके रीजेंट के इतिहास को श्रीमद्-भागवतम में विस्तृत रूप से वर्णित किया गया है। इस पतित युग में भी, यदि शासक, राज्यपाल और राष्ट्रपति पृथु महाराज के उदाहरण का लाभ उठाते हैं, तो निश्चित रूप से दुनिया भर में शांति और समृद्धि का शासन होगा।
