Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 4.21.3: चौराहों पर फलों और फूलों के गुच्छे लटक रहे थे। साथ ही, केले के पेड़ों के खंभा और सुपारी की डालियाँ भी लगाई गई थीं। यह सारी सजावट मिलकर बहुत आकर्षक लग रही थी। | bhagavat अध्याय 4.21: महाराज पृथु द्वारा उपदेश । bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चौराहों पर फलों और फूलों के गुच्छे लटक रहे थे। साथ ही, केले के पेड़ों के खंभा और सुपारी की डालियाँ भी लगाई गई थीं। यह सारी सजावट मिलकर बहुत आकर्षक लग रही थी।
Bunches of fruits and flowers, banana pillars and betel nut branches were placed on the crossings. All this decoration together looked very attractive.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥