ब्रह्माजी ने आगे कहा: ये यज्ञ बंद करो, क्योंकि इनकी वजह से इंद्र कई अधर्म कर रहा है। तुम्हें अच्छी तरह से पता होना चाहिए कि देवताओं में भी अनेक अवांछित इच्छाएँ होती हैं।
Brahmaji further said: Stop these yagnas because due to them Indra is committing many sins. You should know very well that even the gods have many unwanted desires.
तात्पर्य
सामान्य व्यापार में बहुत से प्रतिस्पर्धी होते हैं और वेद के कर्म-काण्ड अध्याय कभी-कभी कर्मियों में प्रतिस्पर्धा और ईर्ष्या का कारण बनते हैं। एक कर्मी को ईर्ष्यालु होना ही चाहिए क्योंकि वो भौतिक सुखों का पूरी तरह से आनंद लेना चाहता है। यही भौतिक रोग है। परिणामस्वरूप, कर्मियों में हमेशा प्रतिस्पर्धा होती है, या तो सामान्य व्यापार में या यज्ञ के प्रदर्शन में। भगवान ब्रह्मा का उद्देश्य भगवान इंद्र और महाराजा पृथु के बीच प्रतिस्पर्धा को समाप्त करना था। क्योंकि महाराजा पृथु भगवान के एक महान भक्त और अवतार थे, उनसे बलिदान रोकने का अनुरोध किया गया था ताकि इंद्र आगे अपवित्र प्रणालियों का परिचय न दें, जिनका अनुसरण हमेशा आपराधिक मानसिकता वाले लोग करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥