यस्तु नारायणं देवम्
ब्रह्म-रुद्रादि-दैवतैः
समत्वेनैव वीक्षते
स पाषंडी भवेद् ध्रुवं
कलियुग में पाखंडी बहुत प्रमुख हैं। हालाँकि, भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु ने अपने संकीर्तन आंदोलन को प्रस्तुत करके इन सभी पाखंडियों को मारने की कोशिश की है। जो लोग कृष्ण भावनामृत संघ के इस संकीर्तन आंदोलन का लाभ उठाते हैं, वे खुद को इन पाखंडियों के प्रभाव से बचा पाएंगे।
