Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 4.18.17: गंधर्वलोक और अप्सरालोक निवासी विश्वावसु को बछड़ा बनाकर उसके दूध को कमलपुष्प के पात्र में दुहा। इस दूध ने मनोहारी संगीत, कला और सुंदरता का रूप ले लिया। | bhagavat अध्याय 4.18: पृथु महाराज द्वारा पृथ्वी का दोहन । bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गंधर्वलोक और अप्सरालोक निवासी विश्वावसु को बछड़ा बनाकर उसके दूध को कमलपुष्प के पात्र में दुहा। इस दूध ने मनोहारी संगीत, कला और सुंदरता का रूप ले लिया।
The residents of Gandharva Loka and Apsara Loka made Vishwavasu into a calf and milked him in a lotus flower vessel. This milk took the form of sweet music, art and beauty.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥