तथापरे च सर्वत्र सारमाददते बुधा: ।
ततोऽन्ये च यथाकामं दुदुहु: पृथुभाविताम् ॥ १३ ॥
अनुवाद
अन्य बुद्धिमान लोगोंने, महाराज पृथु की तरह, पृथ्वी से सार निकाल लिया। वास्तव में, प्रत्येक व्यक्ति ने राजा पृथु के पद-चिह्नों का अनुसरण करते हुए इस अवसर का लाभ उठाया और पृथ्वी से अपनी इच्छित वस्तु प्राप्त की।
Other people, who were as wise as Maharaja Prithu, extracted the essence from the earth. Of course, everyone, following in the footsteps of King Prithu, took advantage of this opportunity and obtained their desired objects from the earth.
तात्पर्य
ग्रह पृथ्वी को वसुंधरा भी कहते हैं। वसु शब्द का अर्थ है "धन," और धरा का अर्थ है "वह जो धारण करता है।" पृथ्वी के भीतर सभी प्राणी मनुष्यों के लिए आवश्यक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, और सभी जीवित संस्थाओं को उचित माध्यमों से पृथ्वी से निकाला जा सकता है। जैसा कि ग्रह पृथ्वी द्वारा सुझाया गया है, और राजा पृथु द्वारा स्वीकार और आरंभ किया गया है, जो कुछ भी पृथ्वी से लिया जाता है - या तो खानों से, ग्लोब की सतह से या वातावरण से - उसे हमेशा भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण के सर्वोच्च व्यक्तित्व का संपत्ति माना जाना चाहिए और यज्ञ के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जैसे ही यज्ञ की प्रक्रिया बंद हो जाती है, पृथ्वी सभी उत्पादनों को रोक देगी - सब्जियां, पेड़, पौधे, फल, फूल, अन्य कृषि उत्पाद और खनिज। जैसा कि भगवद-गीता में पुष्टि की गई है, यज्ञ की प्रक्रिया सृष्टि की शुरुआत से स्थापित की गई थी। यज्ञ के नियमित प्रदर्शन से, धन का समान वितरण और इंद्रिय संतुष्टि पर रोक, पूरी दुनिया को शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाया जाएगा। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, कलियुग में सांकीर्तन-यज्ञ का सरल प्रदर्शन - अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ द्वारा आरंभ किए गए त्योहारों का आयोजन - हर शहर और गांव में शुरू किया जाना चाहिए। बुद्धिमान लोगों को अपने व्यक्तिगत व्यवहार से सांकीर्तन-यज्ञ के प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना चाहिए। इसका मतलब यह है कि उन्हें अवैध यौन जीवन, मांसाहार, जुआ और नशा से खुद को प्रतिबंधित करके तपस्या की प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। यदि बुद्धिमान पुरुष, या समाज के ब्राह्मण, नियमों और विनियमों का पालन करेंगे, तो निश्चित रूप से इस वर्तमान दुनिया का पूरा चेहरा, जो ऐसी अराजक स्थिति में है, बदल जाएगा, और लोग खुश और समृद्ध होंगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥