Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 4.17.15: इसे देखकर महाराजा पृथु बहुत क्रोधित हो गए और उनकी आँखें सूरज की तरह लाल हो गईं। उन्होंने अपने धनुष पर बाण चढ़ाया और गाय के आकार की पृथ्वी का पीछा किया, जहाँ भी वह भागती। | bhagavat अध्याय 4.17: महाराज पृथु का पृथ्वी पर कुपित होना । bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसे देखकर महाराजा पृथु बहुत क्रोधित हो गए और उनकी आँखें सूरज की तरह लाल हो गईं। उन्होंने अपने धनुष पर बाण चढ़ाया और गाय के आकार की पृथ्वी का पीछा किया, जहाँ भी वह भागती।
Seeing this, Maharaja Prithu became very angry and his eyes became red like the morning sun. With an arrow on his bow, he kept chasing the cow-like Earth wherever she ran.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥