Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 4.16.24: यह राजा सरस्वती नदी के उद्गम पर सौ अश्वमेध यज्ञ करेगा। अन्तिम यज्ञ के अवसर पर स्वर्ग का राजा इन्द्र इस यज्ञ के घोड़े को चुरा ले जाएगा। | bhagavat अध्याय 4.16: बन्दीजनों द्वारा राजा पृथु की स्तुति । bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह राजा सरस्वती नदी के उद्गम पर सौ अश्वमेध यज्ञ करेगा। अन्तिम यज्ञ के अवसर पर स्वर्ग का राजा इन्द्र इस यज्ञ के घोड़े को चुरा ले जाएगा।
This king will perform a hundred Ashvamedha Yajnas at the origin of the river Sarasvati. At the time of the last Yajna, Indra, the king of heaven will steal the Yajna horse.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥