चूंकि यह राजा हमेशा धर्म के रास्ते पर चलेगा, इसलिए वह अपने बेटे और अपने शत्रु के बेटे दोनों के प्रति एक समान व्यवहार करेगा। अगर उसके शत्रु का बेटा सजा का हकदार नहीं है, तो वह उसे सजा नहीं देगा, लेकिन अगर उसका अपना बेटा सजा का हकदार है, तो वह उसे तुरंत सज़ा देगा।
Since this king will always be on the path of righteousness, he will be equanimous towards both his own son and his enemy's son. If his enemy's son is not punishable, he will not punish him, but if his own son is punishable, he will punish him.
तात्पर्य
ये निष्पक्ष शासक के लक्षण हैं। किसी शासक का कर्तव्य अपराधी को दंड देना और निर्दोष की रक्षा करना है। राजा पृथु इतने निष्पक्ष थे कि अगर उनका खुद का पुत्र भी दंडनीय होता, तो वे उन्हें दंड देने में नहीं हिचकिचाते। वहीं अगर उनके शत्रु का पुत्र निर्दोष होता तो उसे दंडित करने के लिए वे किसी साजिश में शामिल नहीं होते।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)