Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 4.15.17: शिवजी ने दस चन्द्रमाओं के चिह्नों से युक्त म्यान में रखी तलवार प्रदान की और देवी दुर्गा ने एक सौ चन्द्रमाओं के चिह्नों से सुशोभित एक ढाल प्रदान की। चन्द्रमा के देवता ने उन्हें अमृत से बने घोड़े प्रदान किये और देवता विश्वकर्मा ने उन्हें एक अत्यंत सुन्दर रथ भेंट किया। | bhagavat अध्याय 4.15: राजा पृथु की उत्पत्ति और राज्याभिषेक । bhagavat स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शिवजी ने दस चन्द्रमाओं के चिह्नों से युक्त म्यान में रखी तलवार प्रदान की और देवी दुर्गा ने एक सौ चन्द्रमाओं के चिह्नों से सुशोभित एक ढाल प्रदान की। चन्द्रमा के देवता ने उन्हें अमृत से बने घोड़े प्रदान किये और देवता विश्वकर्मा ने उन्हें एक अत्यंत सुन्दर रथ भेंट किया।
Lord Shiva presented a sword with a sheath marked with ten moons and Goddess Durga presented a shield marked with one hundred moons. Chandradev presented them with nectar-like horses and Vishwakarma presented them with a very beautiful chariot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥