अवजानन्त्यमी मूढा नृपरूपिणमीश्वरम् ।
नानुविन्दन्ति ते भद्रमिह लोके परत्र च ॥ २४ ॥
अनुवाद
अज्ञानतावश जो लोग राजा की पूजा नहीं करते (जो कि वास्तव में पूर्ण परमात्मा हैं), उन्हें न इस दुनिया में और न ही मृत्यु के बाद की दुनिया में खुशी का अनुभव होता है।
Those who, due to ignorance, do not worship the King who is truly God, experience happiness neither in this world nor in the next.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥