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श्लोक 4.13.39  |
स बाल एव पुरुषो मातामहमनुव्रत: ।
अधर्मांशोद्भवं मृत्युं तेनाभवदधार्मिक: ॥ ३९ ॥ |
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| अनुवाद |
| वह बालक भाग्यवश अधर्म के वंश में उत्पन्न हुआ। उसका नाना स्वयं मृत्यु के समान था और वह बालक उसका अनुयायी बनकर अत्यन्त अधार्मिक व्यक्ति बन गया। |
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| वह बालक भाग्यवश अधर्म के वंश में उत्पन्न हुआ। उसका नाना स्वयं मृत्यु के समान था और वह बालक उसका अनुयायी बनकर अत्यन्त अधार्मिक व्यक्ति बन गया। |
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