श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति  »  अध्याय 12: ध्रुव महाराज का भगवान् के पास जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  4.12.24 
तस्याखिलजगद्धातुरावां देवस्य शार्ङ्गिण: ।
पार्षदाविह सम्प्राप्तौ नेतुं त्वां भगवत्पदम् ॥ २४ ॥
 
 
अनुवाद
हम परम पुरुष भगवान के दूत हैं, जिन्होंने पूरे ब्रह्मांड का निर्माण किया और जिनके हाथ में शार्ङ्ग नामक धनुष है। हमें आपको वैकुण्ठलोक ले जाने के लिए विशेष रूप से नियुक्त किया गया है।
 
हम परम पुरुष भगवान के दूत हैं, जिन्होंने पूरे ब्रह्मांड का निर्माण किया और जिनके हाथ में शार्ङ्ग नामक धनुष है। हमें आपको वैकुण्ठलोक ले जाने के लिए विशेष रूप से नियुक्त किया गया है।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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