ध्रुव महाराज ने विमान में भगवान विष्णु के दो अत्यंत सुंदर सहायकों को देखा। उनकी चार भुजाएँ थीं और काले रंग का शरीर था, वे बहुत युवा थे और उनकी आँखें लाल कमल के फूलों जैसी थीं। उनके हाथों में गदाएँ थीं और उन्होंने हेलमेट सहित बहुत आकर्षक कपड़े पहने हुए थे और हार, कंगन और झुमके पहने हुए थे।
Dhruva Maharaja saw two very beautiful associates of Lord Viṣṇu in the plane. They had four arms and were of dark complexion, they were very youthful and their eyes were like red lotus flowers. They held maces in their hands and their attire was very attractive. They wore crowns and were adorned with necklaces, armlets and earrings.
तात्पर्य
विष्णुलोक के निवासी भगवान विष्णु के समान ही शारीरिक विशेषताओं वाले होते हैं और वे गदा, शंख, कमल और चक्र भी धारण करते हैं। इस पद में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उनके चार हाथ थे और वे अच्छे कपड़े पहने हुए थे; उनके शरीर के अंगों का वर्णन विष्णु के समान ही है। इसलिए हवाई जहाज़ से उतरे वे दो असामान्य व्यक्ति सीधे विष्णुलोक से आए थे या उस ग्रह से आए थे जहाँ भगवान विष्णु निवास करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥