ये सभी उन्चास अग्निदेव ही वेदों में वर्णित यज्ञों में किए जाने वाले आहुति का भोग करते हैं जिसे ब्रह्मवादी ब्राह्मण अर्पित करते हैं।
These same Unchas Agnidevs are the enjoyers of the offerings made by the Brahminists in the Vedic Yagyas.
तात्पर्य
वेदों में इन्द्रिय त्याग करने वाले कर्मी वैदिक यज्ञों के अनुष्ठान में अग्नि के विभिन्न देवताओं के प्रति आकर्षित होते हैं, और उनके नाम पर पूर्णाहुतियाँ अर्पित करते हैं। यहाँ उन अग्नि के देवताओं का वर्णन दिया गया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥