मृकण्ड से मार्कण्डेय मुनि और प्राण से वेदशिरा ऋषि का जन्म हुआ। वेदशिरा के पुत्र उशना (शुक्राचार्य) थे, जिन्हें कवि भी कहा जाता था। इस प्रकार कवि भी भृगुवंशी थे।
Markandeya Muni was born from Mrikand and Vedashira Rishi was born from Pran. Vedashira's son was Ushna (Shukracharya), who is also called a poet. Thus the poet was also of Bhriguvanshi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥