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श्लोक  4.1.35 
तत्पुत्रावपरावास्तां ख्यातौ स्वारोचिषेऽन्तरे ।
उतथ्यो भगवान्साक्षाद् ब्रह्मिष्ठश्च बृहस्पति: ॥ ३५ ॥
 
 
अनुवाद
इन चार पुत्रियों के अलावा, उसके दो पुत्र भी थे। एक का नाम उतथ्य था और दूसरा महान विद्वान बृहस्पति था।
 
Apart from these four daughters, he also had two sons. One of them was called Utathya and the other was the great scholar Brihaspati.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)