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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 4: चतुर्थ आश्रम की उत्पत्ति
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अध्याय 1: मनु की पुत्रियों की वंशावली
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श्लोक 34
श्लोक
4.1.34
श्रद्धा त्वङ्गिरस: पत्नी चतस्रोऽसूत कन्यका: ।
सिनीवाली कुहू राका चतुर्थ्यनुमतिस्तथा ॥ ३४ ॥
अनुवाद
अंगिरा की पत्नी श्रद्धा ने चार कन्याओं को जन्म दिया, जिनका नाम सिनीवाली, कुहू, राका और अनुमति था।
Angira's wife Shraddha gave birth to four daughters named Siniwali, Kuhu, Raka and Anumaati.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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