श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 8: गर्भोदकशायी विष्णु से ब्रह्मा का प्राकट्य  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.8.28 
कदम्बकिञ्जल्कपिशङ्गवाससा
स्वलंकृतं मेखलया नितम्बे ।
हारेण चानन्तधनेन वत्स
श्रीवत्सवक्ष:स्थलवल्लभेन ॥ २८ ॥
 
 
अनुवाद
हे विदुर, प्रभु की कमर पीले वस्त्र से ढकी हुई थी जो कदम्ब के पुष्प के पराग जैसी पीली थी और एक सुंदर सजी करधनी ने उसे घेरा हुआ था। उनका सीना श्रीवत्स चिह्न और असीम मूल्य वाले हार से सुशोभित था।
 
O Vidura, the Lord's waist was covered with a yellow cloth which appeared like the saffron dust of the Kadamba flower and was surrounded by a very decorated girdle. His chest was adorned with the mark of Srivatsa and a necklace of infinite value.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)