श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 7: विदुर द्वारा अन्य प्रश्न  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.7.26 
उपर्यधश्च ये लोका भूमेर्मित्रात्मजासते ।
तेषां संस्थां प्रमाणं च भूर्लोकस्य च वर्णय ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
हे मित्रा के पुत्र, कृपा करके यह वर्णन करें कि पृथ्वी के ऊपर तथा उसके नीचे के लोक किस प्रकार अवस्थित हैं और उनका तथा पृथ्वी लोकों का विस्तार भी बताएं।
 
हे मित्रा के पुत्र, कृपा करके यह वर्णन करें कि पृथ्वी के ऊपर तथा उसके नीचे के लोक किस प्रकार अवस्थित हैं और उनका तथा पृथ्वी लोकों का विस्तार भी बताएं।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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