Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.7.24: हे प्रभु, मेरे विचार में, पुत्र, पोते और परिवार के सदस्यों के रूप में प्रकट होने वाली शक्ति समस्त ब्रह्मांड में विभिन्न रूपों और प्रजातियों में फैल गई है। | bhagavat अध्याय 3.7: विदुर द्वारा अन्य प्रश्न । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु, मेरे विचार में, पुत्र, पोते और परिवार के सदस्यों के रूप में प्रकट होने वाली शक्ति समस्त ब्रह्मांड में विभिन्न रूपों और प्रजातियों में फैल गई है।
O Lord, in my view the power (force) manifested in the form of sons, grandsons and relatives is spread throughout the universe in various forms and species.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥