मायाध्यक्षेण प्रकृति:
सूयते सा-चराचरम्
हेतुनानेन कौन्तेय
जगद् विपरिवर्तते
निष्कर्ष यह है कि भौतिक तत्व आम आदमी की नज़र में बहुत ही आश्चर्यजनक रूप से काम कर सकते हैं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली वास्तव में भगवान की निगरानी में होती है। जो केवल भौतिक तत्वों के परिवर्तनों को ही चिह्नित कर सकते हैं और उनके पीछे भगवान के छिपे हुए हाथों को नहीं देख सकते हैं, वे निश्चित रूप से कम बुद्धिमान व्यक्ति हैं, हालांकि उन्हें महान भौतिक वैज्ञानिक के रूप में विज्ञापित किया जा सकता है।
