श्री मैत्रेय ने कहा - हे विदुर, तुम्हारी जय हो। तुमने मुझसे सर्वोत्तम वस्तु के विषय में पूछा है। इस प्रकार तुमने संसार तथा मुझ पर अपनी कृपा प्रदर्शित की है। कारण यह है कि तुम्हारा मन सदैव भगवान के चिंतन में तल्लीन रहता है।
Sri Maitreya said: O Vidura, all hail to you. You have asked me the best question. In this way you have shown your kindness to the world and to me, because your mind is always absorbed in the thoughts of Brahman.
तात्पर्य
माitreya Muni, जो तत्त्वज्ञान के विज्ञान में अनुभवी थे, समझ सकते थे की विदुर का मन पूर्ण रूप से अपने तत्त्वज्ञान में लगा हुआ था। अधोक्षज का अर्थ है जो कि इंद्रियों की अनुभूति या इंद्रियों द्वारा अनुभव की गई सीमा से परे है। भगवान हमारे इंद्रिय अनुभव से परे है, पर वे खुद को निष्ठावान भक्त के सामने प्रकट करते हैं। क्योंकि विदुर हमेशा भगवान के विचारों में लीन रहते थे, Maitreya विदुर के तत्त्वज्ञान के मूल्य का अनुमान लगा सकते थे। उन्होंने विदुर की मूल्यवान जिज्ञासा की प्रशंसा की और इसलिए उन्होंने बड़े सम्मान के साथ उनका आभार प्रकट किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥