स तं महाभागवतं व्रजन्तं कौरवर्षभ: ।
विश्रम्भादभ्यधत्तेदं मुख्यं कृष्णपरिग्रहे ॥ २४ ॥
अनुवाद
जब भगवान् के प्रमुख और सबसे विश्वासपात्र भक्त उद्धव जाने लगे, तो विदुर ने स्नेह और विश्वास के साथ उनसे प्रश्न किया।
When Uddhava, the chief and most trusted devotee of the Lord, was leaving, Vidur questioned him with affection and confidence.
तात्पर्य
विदुर, उद्धव से काफ़ी बड़े थे। पारिवारिक संबंधों से उद्धव कृष्ण के समकालीन भाई थे, जबकि विदुर कृष्ण के पिता वसुदेव के समान वृद्ध थे। लेकिन उम्र में जूनियर होने के बावजूद, उद्धव भगवान की भक्ति-सेवा में बहुत आगे थे, और इसलिए उन्हें यहाँ भगवान के भक्तों में प्रमुख बताया गया है। विदुर को इस बात पर भरोसा था, और इसलिए उन्होंने उद्धव को उस उच्च श्रेणी में संबोधित किया। दो भक्तों के बीच विनम्रता से व्यवहार करने का यह तरीका है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥