श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 31: जीवों की गतियों के विषय में भगवान् कपिल के उपदेश  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.31.5 
मातुर्जग्धान्नपानाद्यैरेधद्धातुरसम्मते ।
शेते विण्मूत्रयोर्गर्ते स जन्तुर्जन्तुसम्भवे ॥ ५ ॥
 
 
अनुवाद
माँ के द्वारा ग्रहण किए गए खाने और पानी से पोषण पाकर भ्रूण बढ़ता है और मल-मूत्र के गंदे स्थान, जो सभी प्रकार के कीटाणुओं को पनपने का स्थान है, में पलता है।
 
The foetus grows by receiving nourishment from the food and water consumed by the mother and lives in the disgusting place of urine and faeces, which is the breeding place for all kinds of germs.
तात्पर्य
मार्कण्डेय पुराण में कहा गया है कि माता की आँत में अप्यायनी नाम की नाभि की रस्सी माता के गर्भ को बच्चे के पेट से जोड़ती है, और इस रास्ते से गर्भ में बच्चा माता द्वारा पचाए गए खाने को लेता है। इस तरह माता की आँत से गर्भ में बच्चे को भोजन मिलता है और वह दिन-प्रतिदिन बढ़ता है। गर्भ में बच्चे की स्थिति के बारे में मार्कण्डेय पुराण का यह कथन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से ठीक-ठीक मेल खाता है, और इसलिए पुराणों का अधिकार खंडन नहीं किया जा सकता, जैसा कि मायावादी दार्शनिक कभी-कभी करने का प्रयास करते हैं। चूँकि बच्चा पूरी तरह माता द्वारा पचाए गए खाने पर निर्भर रहता है, इसलिए गर्भावस्था में माता के द्वारा खाए जाने वाले खाने पर रोक होती है। गर्भवती माता के लिए बहुत ज़्यादा नमक, मिर्च, प्याज़ या ऐसा ही कुछ खाना मना है क्योंकि बच्चे का शरीर बहुत कोमल और नया होता है, जिस कारण वह इतना तीखा खाना सहन नहीं कर सकता। स्मृति ग्रंथों और वैदिक साहित्य में बताए गए गर्भवती माता द्वारा बरती जाने वाली सावधानियाँ और निषेध बहुत उपयोगी हैं। वैदिक साहित्य से हम समझ सकते हैं कि समाज में एक अच्छे बच्चे को जन्म देने के लिए कितना ध्‍यान रखा जाता है। समाज के उच्‍च स्‍तर के लोगों के लिए संभोग से पहले ग‍र्भाधान संस्कार अनिवार्य था, और यह बहुत वैज्ञानिक है। गर्भावस्था के दौरान वैदिक साहित्य में बताए गए दूसरे उपाय भी बहुत महत्‍वपूर्ण हैं। बच्चे का ध्‍यान रखना माता-पिता का पहला कर्तव्य है क्‍योंकि अगर बच्‍चे का इस तरह ध्‍यान रखा जाए तो समाज ऐसे अच्‍छे नागरिकों से भरा होगा जो समाज, देश और मानव जाति की शांति और समृृद्धि बनाए रखेंगे।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)