किसी अन्य वस्तु के मोह से उत्पन्न मोह और बंधन उतने पूर्ण नहीं होते जितने कि किसी महिला के मोह से या उन पुरुषों की संगति से होते हैं जो स्त्रियों के प्यासे होते हैं।
The infatuation and bondage resulting from attachment to any other object is not as complete as that resulting from attachment to a woman or to those persons who are lustful towards women.
तात्पर्य
महिलाओं से आसक्ति इतनी दूषित करने वाली होती है कि व्यक्ति न केवल महिलाओं के साथ जुड़ने से बल्कि उनसे बहुत अधिक आसक्त व्यक्तियों के दूषित संग से भौतिक जीवन की स्थिति से जुड़ जाता है। भौतिक जगत में हमारे सशर्त जीवन के कई कारण हैं, लेकिन ऐसे सभी कारणों में सर्वोपरि है महिलाओं के साथ संबंध, जैसा कि निम्नलिखित छंदों में पुष्टि की जाएगी। कलियुग में, महिलाओं के साथ संबंध बहुत मजबूत है। जीवन के प्रत्येक चरण में, महिलाओं के साथ संबंध होता है। यदि कोई व्यक्ति कुछ खरीदने जाता है, तो विज्ञापन महिलाओं की तस्वीरों से भरे होते हैं। महिलाओं के लिए शारीरिक आकर्षण बहुत अधिक होता है और इसलिए लोग आध्यात्मिक समझ में बहुत ढीले होते हैं। वैदिक सभ्यता, आध्यात्मिक समझ पर आधारित होने के कारण, महिलाओं के साथ संबंध को बहुत सावधानी से व्यवस्थित करती है। चार सामाजिक प्रभागों में से, प्रथम श्रेणी (अर्थात ब्रह्मचर्य), तृतीय श्रेणी (वानप्रस्थ) और चतुर्थ श्रेणी (संन्यास) के सदस्यों को स्त्री संग से सख्ती से प्रतिबंधित किया जाता है। केवल एक श्रेणी में, गृहस्थ, प्रतिबंधित शर्तों के तहत महिलाओं के साथ मिलने का लाइसेंस है। दूसरे शब्दों में, महिलाओं के साथ आसक्ति भौतिक सशर्त जीवन का कारण है और इस सशर्त जीवन से मुक्त होने में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति को महिलाओं के साथ संबंध से अलग होना चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥