Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.30.27: फिर उसके अंगों को काटकर-काटकर हाथियों द्वारा फाड़ डाला जाता है। पर्वत की चोटियों से नीचे गिराया जाता है और फिर जल या गुफाओं में उसे कैद कर लिया जाता है। | bhagavat अध्याय 3.30: भगवान् कपिल द्वारा विपरीत कर्मों का वर्णन । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर उसके अंगों को काटकर-काटकर हाथियों द्वारा फाड़ डाला जाता है। पर्वत की चोटियों से नीचे गिराया जाता है और फिर जल या गुफाओं में उसे कैद कर लिया जाता है।
Then his limbs are cut off and he is torn apart by elephants. He is thrown down from the mountain peaks and then imprisoned in water or in a cave.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥