लसत्पङ्कजकिञ्जल्कपीतकौशेयवाससम् ।
श्रीवत्सवक्षसं भ्राजत्कौस्तुभामुक्तकन्धरम् ॥ १४ ॥
अनुवाद
उनकी कमर पीले पद्म के केसर के समान चमकीले वस्त्र से ढकी हुई है। उनके सीने पर श्रीवत्स चिह्न (सफेद बालों का एक गुच्छा) है। उनके गले में चमचमाता कौस्तुभ मणि लटक रहा है।
His waist is covered with a cloth shining like yellow lotus-saffron. On his chest is the mark of Shrivatsa (a tuft of white hair). Around his neck hangs the gleaming Kaustubha Mani.
तात्पर्य
उच्चतम प्रभु के वस्त्र का सही रंग केसरिया-पीला बताया गया है, ठीक कमल के फूल के पराग की तरह। उनके सीने पर लटकी कौस्तुभ मणि का भी वर्णन है। उनकी गर्दन गहने और मोतियों से खूबसूरती से सजी हुई है। प्रभु छह ऐश्वर्यों से परिपूर्ण हैं, जिनमें से एक धन है। वह बहुत ही मूल्यवान आभूषणों से सजे हैं जो इस भौतिक संसार में दिखाई नहीं देते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥