विश्व प्रकृति का शरीर उसकी रक्तवाहिकाओं से रक्त निकलने लगा। उसी शरीर की रक्तवाहिकाओं से रक्त की लाल कणिकाएँ बाहर आईं। इसके बाद नदियाँ (रक्तवाहिकाओं की अधिष्ठात्री देवियाँ) प्रकट हुईं और फिर उस शरीर में पेट प्रकट हुआ।
The veins of the huge body appeared and then the red blood cells or blood appeared. After this came the rivers (the presiding deities of the veins) and then the stomach appeared in that body.
तात्पर्य
रक्त नाड़ियों की तुलना नदियों से की जाती है; जब सार्वभौमिक रूप में रक्त नाड़ियाँ प्रकट हुई थीं, तो विभिन्न ग्रहों में नदियाँ भी प्रकट हुई थीं। नदियों का नियंत्रण करनेवाली देवता तंत्रिका तंत्र के नियंत्रण करने वाले देवता भी हैं। आयुर्वेदिक उपचार में, जो लोग तंत्रिका अस्थिरता के रोग से पीड़ित होते हैं, उन्हें बहती नदी में डुबकी लगाकर स्नान करने की सलाह दी जाती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥