तब भगवान् के विश्वव्यापी स्वरूप विराट पुरुष ने अपनी त्वचा प्रकट की और उसी के साथ बाल (रोम), मूँछ और दाढ़ी निकल आई। इसके बाद सारी जड़ी-बूटियाँ प्रकट हुईं और तब उनका जननांग भी प्रकट हुआ।
Then the huge form of the Lord, Virat Purusha, manifested his skin and hair, moustache and beard grew on it. Then all the herbs appeared and then the genitals also appeared.
तात्पर्य
त्वचा स्पर्श अनुभूति स्थल है। औषधीय जड़ी-बूटियों और दवाओं के निर्माण को नियंत्रित करने वाले देवता स्पर्श संबंधी बोध का पर्यवेक्षण करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥