वायु और स्पर्श इंद्रियों के बीच होने वाली परस्पर क्रियाओं के परिणामस्वरूप, व्यक्ति को उसके भाग्य के अनुसार विभिन्न रूप दिखाई देते हैं। इन रूपों के विकास के बाद, अग्नि की उत्पत्ति हुई और आंखें विभिन्न रंगों के रूपों को देख पाती हैं।
Due to the interaction of air and touch tanmatras, man sees different forms according to his destiny. As a result of the development of such forms, fire was produced and the eyes see various coloured forms.
तात्पर्य
भाग्यवश, स्पर्श की संवेदना, वायु की अन्योन्य क्रिया, और मन की स्थिति, जो कि आकाश तत्व से उत्पन्न होती है, के कारण, कोई भी अपनी पिछली गतिविधियों के अनुसार एक शरीर प्राप्त करता है। यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि एक जीवित इकाई एक रूप से दूसरे रूप में स्थानांतरित होता है। उसका आकार भाग्य के अनुसार बदलता है और एक श्रेष्ठ अधिकारी की व्यवस्था द्वारा जो वायु और मानसिक स्थिति की बातचीत को नियंत्रित करता है। रूप विभिन्न प्रकार की संवेदी धारणा का संयोजन है। पूर्वनिर्धारित गतिविधियाँ मानसिक स्थिति और वायु की बातचीत की योजनाएँ हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥