Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.24.22-23: कर्दम मुनि ने अपनी कन्या कला का विवाह मरीचि से करवाया और दूसरी पुत्री अनुसूया का विवाह अत्रि से करवाया। श्रद्धा का विवाह उन्होंने अंगिरा से, हविर्भू का पुलस्त्य से, गति का पुलह से, क्रिया का क्रतु से, ख्याति का भृगु से और अरुन्धती का वसिष्ठ से करवाया। | bhagavat अध्याय 3.24: कर्दम मुनि का वैराग्य । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मरीचये कलां प्रादादनसूयामथात्रये ।
श्रद्धामङ्गिरसेऽयच्छत्पुलस्त्याय हविर्भुवम् ॥ २२ ॥
पुलहाय गतिं युक्तां क्रतवे च क्रियां सतीम् ।
ख्यातिं च भृगवेऽयच्छद्वसिष्ठायाप्यरुन्धतीम् ॥ २३ ॥
अनुवाद
कर्दम मुनि ने अपनी कन्या कला का विवाह मरीचि से करवाया और दूसरी पुत्री अनुसूया का विवाह अत्रि से करवाया। श्रद्धा का विवाह उन्होंने अंगिरा से, हविर्भू का पुलस्त्य से, गति का पुलह से, क्रिया का क्रतु से, ख्याति का भृगु से और अरुन्धती का वसिष्ठ से करवाया।
Kardam Muni dedicated his daughter Kala to Marichi and his other daughter Anusuya to Atri. Girls named Shraddha, Havirbhu, Gati, Kriya, Khyati and Arundhati were given to Angira, Pulastya, Pulah, Kratu, Bhrigu and Vasistha respectively.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥