श्रोण्योरध्यस्तया काञ्च्या काञ्चन्या बहुरत्नया ।
हारेण च महार्हेण रुचकेन च भूषितम् ॥ ३२ ॥
अनुवाद
कमर पर उसने कई रत्नों से जड़ी हुई सोने की करधनी पहन रखी थी, साथ ही वह बहुमूल्य मोतियों के हार और मंगलकारी पदार्थों से सुसज्जित थी।
She wore a gold girdle around her waist studded with many gems; she was adorned with necklaces of costly pearls and auspicious objects.
तात्पर्य
शुभ द्रव्यों में केसर, कुमकुम और चन्दन का लेप सम्मिलित हैं। स्नान से पहले अन्य शुभ द्रव्य भी होते हैं, जैसे कि सरसों के तेल के साथ मिलाया गया हल्दी, जो पूरे शरीर पर मला जाता है। देवहूति को सिर से पाँव तक सभी प्रकार के शुभ द्रव्यों से नहलाया गया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)