भूषणानि परार्ध्यानि वरीयांसि द्युमन्ति च ।
अन्नं सर्वगुणोपेतं पानं चैवामृतासवम् ॥ २९ ॥
अनुवाद
इसके बाद उन्होंने उसे उत्तम तथा बहुमूल्य आभूषणों से सजाया जो चमक रहे थे। फिर, उसे सभी अच्छी वस्तुओं से पूर्ण भोजन और आसवम् नाम का एक मीठा नशा देने वाला पेय प्रदान किया।
Then they adorned her with fine and precious ornaments which were glittering. Then they offered her all kinds of food and the sweet intoxicating drink Asavam.
तात्पर्य
आसव एक आयुर्वेदिक चिकित्सीय तैयारी है, यह शराब नहीं है। यह विशेष रूप से दवाओं से बनाया जाता है और शरीर की स्वस्थ स्थिति के लिए चयापचय में सुधार करने के लिए होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥