स्नानेन तां महार्हेण स्नापयित्वा मनस्विनीम् ।
दुकूले निर्मले नूत्ने ददुरस्यै च मानदा: ॥ २८ ॥
अनुवाद
देवहूति का अत्यन्त सम्मान करते हुए कन्याओं ने उन्हें बाहर लाया और बहुमूल्य तेलों एवं उबटनों से स्नान कराया, तथा उन्हें महीन, स्वच्छ, नए वस्त्र प्रदान किए।
The girls, showing great respect to Devahūti, brought her out and bathed her with precious oils and ointments and gave her fine, clean, new clothes to wear.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)