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श्लोक 3.21.9  |
स तं विरजमर्काभं सितपद्मोत्पलस्रजम् ।
स्निग्धनीलालकव्रातवक्त्राब्जं विरजोऽम्बरम् ॥ ९ ॥ |
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| अनुवाद |
| कर्दम मुनि ने भगवान् श्रीकृष्ण को बिना किसी भौतिक गुणवत्ता के देखा। भगवान् सूर्य की तरह चमकते थे और उन्होंने सफ़ेद कमल और पानी के लिली की माला पहनी हुई थी। उन्होंने साफ पीले रेशमी कपड़े पहने थे और उनके चेहरे पर घुँघराले काले बालों का गुच्छा था। |
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| कर्दम मुनि ने भगवान् श्रीकृष्ण को बिना किसी भौतिक गुणवत्ता के देखा। भगवान् सूर्य की तरह चमकते थे और उन्होंने सफ़ेद कमल और पानी के लिली की माला पहनी हुई थी। उन्होंने साफ पीले रेशमी कपड़े पहने थे और उनके चेहरे पर घुँघराले काले बालों का गुच्छा था। |
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