स्वायंभुव मनु ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर स्वर्ण के गहनों से सजे रथ पर सवार होकर अपनी बेटी को भी उस पर बैठाया और पूरी पृथ्वी की यात्रा शुरू की।
Swayambhuva Manu along with his wife boarded his chariot decorated with golden ornaments. He also made his daughter sit on it and started touring the whole world.
तात्पर्य
सम्राट मनु, संसार के महान शासक होने के नाते, अपनी बेटी के लिए एक उपयुक्त वर ढूंढने के लिए एक दूत रख सकते थे, परन्तु क्योंकि वे उसे एक पिता की तरह ही चाहते थे, उन्होंने स्वयं अपने राज्य को छोड़कर स्वर्ण रथ में सिर्फ़ अपनी पत्नी के साथ, उसके लिए एक उपयुक्त वर को ढूँढने आए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥