आत्मजामसितापाङ्गीं वय:शीलगुणान्विताम् ।
मृगयन्तीं पतिं दास्यत्यनुरूपाय ते प्रभो ॥ २७ ॥
अनुवाद
उनकी एक श्याम नेत्रों वाली बड़ी हो चुकी पुत्री है। वह विवाह के लिए तैयार है और उसका आचरण और सभी गुण अच्छे हैं। वह भी एक अच्छे पति की तलाश में है। महाशय, उसके माता-पिता आपको देखने आएँगे और यदि आप उसके लिए सर्वथा उपयुक्त हुए तो वे अपनी पुत्री को आपकी पत्नी के रूप में देने के लिए तैयार हैं।
They have a young daughter with dark eyes. She is of marriageable age, she is well behaved and has all the good qualities. She is also looking for a good husband. Sir, her parents will come to see you. You are perfectly suited to her, so they will offer their daughter to you as your wife.
तात्पर्य
एक अच्छी लड़की के लिए एक अच्छे पति का चयन हमेशा माता-पिता को सौंपा जाता था। यहाँ यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मनु और उनकी पत्नी अपनी बेटी को देने के लिए कर्दम मुनि से मिलने आ रहे थे क्योंकि बेटी योग्य थी और माता-पिता उसी तरह के योग्य पुरुष की तलाश कर रहे थे। यह माता-पिता का कर्तव्य है। लड़कियों को कभी भी अपने पति की तलाश में सड़क पर नहीं फेंका जाता है, क्योंकि जब लड़कियाँ बड़ी हो जाती हैं और लड़के की तलाश में रहती हैं, तो वे यह विचार करना भूल जाती हैं कि जिस लड़के को वे चुनती हैं, वह वास्तव में उनके लिए उपयुक्त है या नहीं। कामवासना की इच्छा से कोई लड़की किसी को भी स्वीकार कर सकती है, लेकिन यदि पति को माता-पिता द्वारा चुना जाता है, तो वे विचार कर सकते हैं कि किसे चुना जाना चाहिए और किसे नहीं। इसलिए, वैदिक प्रणाली के अनुसार, लड़की को माता-पिता द्वारा एक उपयुक्त लड़के को सौंप दिया जाता है; उसे कभी भी स्वतंत्र रूप से अपने पति का चयन करने की अनुमति नहीं दी जाती है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥