शौनक ने विदुर और मैत्रेय के बीच हुई बातचीत के बारे में पूछा, "उन्होंने निश्चित रूप से भगवान की पवित्र लीलाओं के अनेक किस्से सुनाए होंगे। ऐसी कथाओं को सुनना गंगा जल में स्नान करने के समान है, क्योंकि यह हमें सभी पापों से मुक्त कर सकती है।"
Shaunak asked about the conversation between Vidura and Maitreya that there must have been many stories of the pure pastimes of the Lord. Listening to such stories is like taking a bath in the water of the Ganges as it can free one from all the bondages of sin.
तात्पर्य
गंगा का जल इसलिए पवित्र है क्योंकि वह भगवान् के चरणकमलों से धारण किया जाता है। इसी तरह, भगवद्गीता गंगा के जल के समान अच्छी है क्योंकि यह परम भगवान् के मुख से प्रकट होती है। इसी तरह भगवान के कर्मो पर या उनकी दिव्य क्रियाओं के गुणों पर कोई भी विषय है। भगवान निरपेक्ष हैं; उनके शब्दों, उनके पसीने या उनके कर्मो में कोई अंतर नहीं है। गंगा का जल, उनके कर्मो का वर्णन और उनके द्वारा बोले गए शब्द सभी निरपेक्ष मंच पर हैं, और इस प्रकार उनमें से किसी एक का आश्रय लेना भी उतना ही अच्छा है। श्रील रूप गोस्वामी ने कहा है कि कृष्ण के साथ संबंध में कुछ भी दिव्य मंच पर है। यदि हम कृष्ण के साथ संबंध में अपनी सभी गतिविधियों को जोड़ सकते हैं, तो हम भौतिक मंच पर नहीं खड़े हैं, लेकिन हमेशा आध्यात्मिक मंच पर खड़े हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥