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bhagavat 3.19.29: सुप्रीम लॉर्ड के ये दोनों निजी सहायक, शापित होकर, दानव परिवारों में जन्म लेने के लिए नियत हो गए हैं। इस तरह के कुछ जन्मों के बाद, वे अपने-अपने पदों पर लौट आएंगे।   |   bhagavat अध्याय 3.19: असुर हिरण्याक्ष का वध   ।   bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 19: असुर हिरण्याक्ष का वध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.19.29 
एतौ तौ पार्षदावस्य शापाद्यातावसद्गतिम् ।
पुन: कतिपयै: स्थानं प्रपत्स्येते ह जन्मभि: ॥ २९ ॥
 
 
अनुवाद
सुप्रीम लॉर्ड के ये दोनों निजी सहायक, शापित होकर, दानव परिवारों में जन्म लेने के लिए नियत हो गए हैं। इस तरह के कुछ जन्मों के बाद, वे अपने-अपने पदों पर लौट आएंगे।
 
These two councillors of the Lord were cursed to take birth in demon families. After a few such births, they will return to their respective places.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)