जिस असुर के सिर पर बाल सोने जैसे थे और दाँत बहुत भयावने थे, उसने जल से बाहर निकलते हुए प्रभु का उसी प्रकार पीछा किया जिस प्रकार कोई मगरमच्छ हाथी का पीछा करता है। उसने बिजली जैसी आवाज़ में कड़क कर कहा, "क्या तुम अपने प्रतिद्वंद्वी को ललकारने के बाद इस प्रकार भागते हुए लज्जित नहीं हुए?" लज्जा-रहित प्राणियों के लिए कुछ भी निंदनीय नहीं होता है।
That demon with golden hair and fearsome teeth pursued the Lord as he emerged from the water like a crocodile pursuing an elephant. He roared like lightning and said, “Are you not ashamed to flee in this manner before your challenging opponent?” Nothing is reprehensible for shameless beings.
तात्पर्य
जल से निकलते समय प्रभु पृथ्वी को गोद में लिए उसे उसकी मुक्ति के लिए ला रहे थे। इसी समय असुर ने उनका अपमान किया और कटु वचन बोले। किन्तु प्रभु ने उनकी कोई परवाह नहीं की क्योंकि वे अपने कर्तव्य के प्रति पूर्णतया सचेत थे। कर्तव्यपालन करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार का भय नहीं होता। ठीक इसी प्रकार पराक्रमी लोगों को अपने शत्रुओं द्वारा किये जाने वाले उपहास या अप्रिय वचनों से कोई डर नहीं होता। प्रभु को किसी से भी डरने की आवश्यकता नहीं थी फिर भी वे अपने शत्रु पर दया करते थे और उनकी उपेक्षा करते थे। हालाँकि वे इस प्रतिस्पर्धा से भाग कर आये, किन्तु यह केवल पृथ्वी को आपदा से बचाने के लिए था कि उन्होंने हिरण्याक्ष के अपमानजनक शब्दों को बर्दाश्त किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥