Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.18.28: सौभाग्य से आपके लिए, यह राक्षस अपनी इच्छा से आपके पास आया है और इसकी मृत्यु आपके द्वारा ही निर्धारित की गई है; इसलिए, आप इसे युद्ध में अपने तरीके से मारें और दुनिया में शांति स्थापित करें। | bhagavat अध्याय 3.18: भगवान् वराह तथा असुर हिरण्याक्ष के मध्य युद्ध । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सौभाग्य से आपके लिए, यह राक्षस अपनी इच्छा से आपके पास आया है और इसकी मृत्यु आपके द्वारा ही निर्धारित की गई है; इसलिए, आप इसे युद्ध में अपने तरीके से मारें और दुनिया में शांति स्थापित करें।
Fortunately this demon has come to you voluntarily and his death is prescribed by you only, therefore, you should kill him in the war in your own way and establish peace in the worlds.
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध तीन के अंतर्गत अठारहवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥