वरुण बोले- उनके पास पहुंचते ही तुम्हारा सारा अभिमान नष्ट हो जाएगा और तुम युद्ध के मैदान में कुत्तों के घिरे हुए, अनंत निद्रा में सो जाओगे। तुम जैसे दुष्टों का नाश करने और सद्पुरुषों पर अपनी कृपा दिखाने के लिए ही वे वराह जैसे अलग-अलग रूपों में अवतार लेते रहते हैं।
Varuna further said—on reaching him, all your pride will vanish and you will fall into eternal sleep surrounded by dogs on the battlefield. He keeps incarnating in various forms like Varaah only to kill wicked people like you and to show his mercy on virtuous people.
तात्पर्य
असुर यह नहीं जानते कि उनके शरीर प्रकृति के पाँच तत्वों से निर्मित हैं और जब वे गिरते हैं, तो वे कुत्तों और गिद्धों के शगल की वस्तुएँ बन जाते हैं। वरुण ने हिरण्याक्ष को हिदायत दी कि वे भगवान विष्णु के वराह अवतार से मिलें ताकि उनकी आक्रामक युद्ध की चाहत तृप्त हो सके और उनके ताकतवर शरीर का नाश हो सके।
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध तीन के अंतर्गत सत्रहवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥