श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 17: हिरण्याक्ष की दिग्विजय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.17.1 
मैत्रेय उवाच
निशम्यात्मभुवा गीतं कारणं शङ्कयोज्झिता: ।
तत: सर्वे न्यवर्तन्त त्रिदिवाय दिवौकस: ॥ १ ॥
 
 
अनुवाद
श्री मैत्रेय जी ने कहा- जब विष्णु जी से उत्पन्न हुए ब्रह्मा जी ने अँधेरे का कारण बताया, तो स्वर्गलोक के निवासी भयमुक्त हो गए। इस तरह वे सब अपने-अपने स्थानों को लौट गए।
 
श्री मैत्रेय जी ने कहा- जब विष्णु जी से उत्पन्न हुए ब्रह्मा जी ने अँधेरे का कारण बताया, तो स्वर्गलोक के निवासी भयमुक्त हो गए। इस तरह वे सब अपने-अपने स्थानों को लौट गए।
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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