Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.16.30: वैकुण्ठ से यह प्रस्थान लक्ष्मीजी ने पहले से ही बता दिया था। वे बहुत क्रोधित थीं क्योंकि जब उन्होंने मेरे निवास को छोड़ा और फिर वापस लौटीं तो तुमने उन्हें द्वार पर रोक दिया था, जबकि मैं सो रहा था। | bhagavat अध्याय 3.16: वैकुण्ठ के दो द्वारपालों, जय-विजय को मुनियों द्वारा शाप । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैकुण्ठ से यह प्रस्थान लक्ष्मीजी ने पहले से ही बता दिया था। वे बहुत क्रोधित थीं क्योंकि जब उन्होंने मेरे निवास को छोड़ा और फिर वापस लौटीं तो तुमने उन्हें द्वार पर रोक दिया था, जबकि मैं सो रहा था।
This departure from Vaikuntha was already predicted by Goddess Lakshmi. She was angry because when she left my abode and returned, you stopped her at the door while I was sleeping.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥