दिति के गर्भ के बल से सारे लोकों में सूर्य और चन्द्रमा की रोशनी कम हो गई और अलग-अलग लोकों के देवता उस बल से परेशान होकर ब्रह्माण्ड के सृजनकर्ता ब्रह्मा से पूछने लगे कि चारों दिशाओं में अंधेरे का ये फैलाव क्या है?
Due to Diti's pregnancy, the light of the Sun and the Moon dimmed in all the worlds and the gods of the various worlds, perturbed by that power, asked Brahma, the creator of the universe, "How is this darkness spreading in all directions?"
तात्पर्य
श्रीमद्-भागवतम के इस श्लोक से प्रतीत होता है कि सूर्य ब्रह्मांड के सभी ग्रहों के लिए प्रकाश का स्रोत है। आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांत जो बताता है कि प्रत्येक ब्रह्मांड में कई सूर्य हैं, इस श्लोक द्वारा समर्थित नहीं है। यह समझा जाता है कि प्रत्येक ब्रह्मांड में केवल एक ही सूर्य है, जो सभी ग्रहों को प्रकाश प्रदान करता है। भगवद-गीता में चंद्रमा को भी तारों में से एक कहा गया है। कई तारे हैं, और जब हम उन्हें रात में टिमटिमाते देखते हैं, तो हम समझ सकते हैं कि वे प्रकाश के परावर्तक हैं; जैसे कि चांदनी सूर्य के प्रकाश का प्रतिबिंब है, अन्य ग्रह भी सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करते हैं, और ऐसे कई अन्य ग्रह हैं जिन्हें हमारी नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। दिति के गर्भ में राक्षसी प्रभाव ने पूरे ब्रह्मांड में अंधकार फैलाया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥