मैत्रेय उवाच
स प्रहस्य महाबाहो भगवान् शब्दगोचर: ।
प्रत्याचष्टात्मभूर्देवान् प्रीणन् रुचिरया गिरा ॥ ११ ॥
अनुवाद
श्री मैत्रेय ने कहा: इस प्रकार दिव्य ध्वनि से समझे जाने वाले भगवान ब्रह्मा ने देवताओं की प्रार्थनाओं से प्रसन्न होकर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास किया।
Sri Maitreya said: Thus Brahma, who is perceived by the transcendental sound, pleased with the praises of the demigods, tried to propitiate them.
तात्पर्य
ब्रह्मा जी दिति के कुकर्मों को समझ गए थे, इसलिए उन्होंने पूरी स्थिति पर मुस्कुराया। उन्होंने वहाँ उपस्थित देवताओं को उनके समझ में आने वाले शब्दों में उत्तर दिया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥