श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 3: यथास्थिति  »  अध्याय 14: संध्या समय दिति का गर्भ-धारण  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.14.25 
श्मशानचक्रानिलधूलिधूम्र-
विकीर्णविद्योतजटाकलाप: ।
भस्मावगुण्ठामलरुक्‍मदेहो
देवस्त्रिभि: पश्यति देवरस्ते ॥ २५ ॥
 
 
अनुवाद
शिवजी का शरीर लाल रंग का है और वो शुद्ध हैं, परंतु वो अपने ऊपर राख पोते रहते हैं। उनकी जटाएँ श्मशान भूमि की बवंडर की धूल से धूसरित रहती हैं। वो आपके पति के छोटे भाई हैं—और वो अपनी तीन आँखों से देखते हैं।
 
Shiva's body is red and spotless, but he smears ashes on it. His matted hair is covered with the dust of the storm of the cremation ground. He is your husband's younger brother—and he sees with his three eyes.
तात्पर्य
भगवान शिव न तो एक साधारण जीव हैं, और न ही वह विष्णु या परमेश्वर के वर्ग में हैं। वह ब्रह्मा तक के किसी भी जीव से कहीं अधिक शक्तिशाली हैं, फिर भी वह विष्णु के समान स्तर पर नहीं हैं। चूँकि वह लगभग भगवान विष्णु के समान हैं, शिव अतीत, वर्तमान और भविष्य देख सकते हैं। उनकी एक आँख सूर्य की तरह है, दूसरी चंद्रमा की तरह है और उनकी तीसरी आँख, जो उनकी भौंहों के बीच में है, आग की तरह है। वह अपनी मध्य आँख से आग पैदा कर सकते हैं, और वह ब्रह्मा सहित किसी भी शक्तिशाली जीव को परास्त कर सकते हैं, फिर भी वह एक अच्छे घर आदि में आडंबरपूर्ण रूप से नहीं रहते हैं, न ही उनके पास कोई भौतिक संपत्ति है, हालाँकि वह भौतिक दुनिया के स्वामी हैं। वह ज्यादातर श्मशान में रहते हैं, जहाँ मृत शरीर जलाए जाते हैं, और श्मशान की भँवर की धूल उनके शारीरिक वस्त्र हैं। वह भौतिक दूषण से अछूते हैं। कश्यप ने उन्हें अपने छोटे भाई के रूप में लिया क्योंकि दिति (कश्यप की पत्नी) की सबसे छोटी बहन का विवाह भगवान शिव से हुआ था। पत्नी की बहन का पति उसका भाई माना जाता है। सामाजिक संबंध से, भगवान शिव कश्यप के छोटे भाई हुए। कश्यप ने अपनी पत्नी को चेतावनी दी थी कि क्योंकि भगवान शिव उनके यौन संबंध को देखेंगे, इसलिए समय उचित नहीं था। दिति तर्क दे सकती है कि वे एक निजी जगह पर यौन जीवन का आनंद लेंगे, लेकिन कश्यप ने उसे याद दिलाया कि भगवान शिव की तीन आँखें हैं, जिन्हें सूर्य, चंद्रमा और अग्नि कहा जाता है, और कोई भी उसकी सतर्कता से बच नहीं सकता, जैसे कोई विष्णु से बच नहीं सकता। यद्यपि पुलिस देखती है, एक अपराधी को कभी-कभी तुरंत दंडित नहीं किया जाता है; पुलिस उसे पकड़ने के लिए उचित समय की प्रतीक्षा करती है। यौन संबंध के लिए वर्जित समय भगवान शिव द्वारा नोट किया जाएगा, और दिति को भूतिया चरित्र या ईश्वरविहीन अवैयक्तिकवाद के बच्चे को जन्म देकर उचित सजा मिलेगी। कश्यप ने इसे दूरदर्शिता से देखा, और इस प्रकार उन्होंने अपनी पत्नी दिति को चेतावनी दी।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)